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प्रो. (डॉ.) एस.के.नायक 31 जुलाई 2007 से सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टेक़्नोलोजी (सिपेट) के महानिदेशक है ।
 
प्रो. (डॉ.) एस.के.नायक पोलीमर साईन्स पर अपने पी.एच.डी की (फोटो पॉलीमरायज़ेशन पर अध्ययन चार्ज ट्रांस्फर कॉम्प्लेक्स द्वारा प्रारंभ किया गया) । वर्तमान में, वे पॉलीमर साईन्स (एड्वांस्ड थर्मोप्लास्ट कॉम्पोसिट्स एवं नैनोकॉम्पोसिट्स : यांत्रिक, सौर एवं रियॉलॉजिकल निष्पादन का मूल्यांकन) में डी.एस.सी कर रहे हैं ।
 
     
  23 वर्षों के लिए, प्रो. (डॉ.) एस.के. नायक सर्वोत्कृष्ठ प्रत्य्य्पत्र एवं वरिष्ठ प्रबंधन अनुभव के साथ टीम नेता रहे हैं । प्लास्टिक्स, पॉलीमर इंजीनियरिंग एवं टेक़्नोलोजी के क्षेत्र में आधुनिक अनिसंधान, प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी विकास, औद्योगिक परामर्श, परीक्षण, विश्लेषण एवं गुणवत्ता प्रबंधन, प्यापार विकास, ग्राहक संबध प्रचालन, इत्यादि में उनका व्यापक अनुभव हैं । प्रधान अन्वेषक के रूप में, उन्होंने करीब 30 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएँ एवं प्लास्टिक्स एवं संबद्ध क्षेत्र में 70 से अधिक प्रमुख परामर्शी एवं राष्ट्रीय अध्ययन प्रतिवेदनों का कार्य किया है । उन्होंने बायो-पॉलीमर, पॉलीमर कॉम्पोसिट्स एवं नैनोकॉम्पोसिट्स के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अंतर-शिक्षण अनुसंधान कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है । उन्होंने 04 पोस्ट-डाक्टरल, 14 डाक्टरल एवं 25 मास्टेर्स लेखों को दिशा-निर्देश किया है । संस्थान को लाभ प्राप्त कराने हेतु परियोजना प्रबंधन तकनीक, जटिल मूल्यांकन एवं लघु कार्यनीतियों एवं चालू कार्यनीतियों एवं चालू पूँजीगत प्रबंधन में उनका हाथ है ।  
     
  प्रो. (डॉ.) एस.के.नायक ने इंटरनेशनल जर्नल में उच्च प्रभाव तथ्यों के साथ 05 पेटेंट तथा 200 प्रकाशनों से अधिक प्रकाशित की है । वे जर्नल ऑफ एप्लाण्ड पॉलीमर साईन्स, कॉम्पोसिट साईन्स टेक़्नोलॉजी, पॉलीमर कॉम्पोसिट्स, जर्नल ऑफ रीइन्फोर्सड प्लास्टिक कॉम्पोसिट्स, पॉलीमर, मटेरियल्स साईन्स इंजिनीयरिंग एण्ड साईन्स के साथ कई अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल के लिए समालोचक हैं । उन्होंने प्लास्टिक्स इंजिनीयरिंग एण्ड टेक़्नोलॉजी के क्षेत्र में कई सम्मेलनों / संगोष्ठियों के संपादित किया है ।
 
     
     
  प्रो. (डॉ.) एस.के.नायक :  
     
  अध्यक्ष के रूप में  
  भारतीय मानक ब्यूरो (बी आई एस), नई दिल्ली का प्लास्टिक पाइपिंग सिस्टम्स अनुभागीय समिति, सी ई डी 50, सी ई डी 50:1 एवं सी ई डी 50:2  
     
  इप्लेक्स शासी परिषद (भारतीय प्लास्टिक्स प्रदर्शन)  
     
     
  संयोजक के रूप में  
  प्लास्टिक्स अनुभागीय सकिति, पी सी डी 12:3 – टेस्ट उपसमिति की पद्धतियाँ, बी आई एस, नई दिल्ली  
     
     
  सदस्य के रूप में  
  प्लास्टिक्स कंटेनर अनुभागीय समिति, पी सी डी 21:1, बी आई एस, नई दिल्ली  
     
  रसासन एवं पेट्रोरसायन विभाग, नई दिल्ली के प्लास्टिक्स विकासात्मक परिषद (पी डी सी)  
     
  पेट्रोरसायन के राष्ट्रीय नीति पर संचालन समिति, भारत सरकार  
     
  प्लास्टइंडिया फाउन्डेशन प्रबंधन समिति, मुम्बई  
     
     
  उपाध्यक्ष के रूप में  
  राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (एन ई सी), प्लास्टइंडिया 2009  
     
     
  सहाध्यक्ष के रूप में  
  प्रोटोकाल एवं प्रचार, प्लास्टइंडिया सम्मेलन समिति, प्लास्टइंडिया 2009  
     
  बागबानी में प्लास्टिकल्चर अनुप्रयोग पर राष्ट्रीय समिति (एन सी पी ए एच), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार  
     
  आई सी पी ई के कार्यकारिणी समिति, मुम्बई  
     
  •सोसायटी ऑफ प्लास्टिक इंजीनियर्स (एस पी ई)  
     
  पॉलिमर प्रोसेसिंग सोसायटी (पी पी एस)  
     
  प्लास्ट्क्स एण्ड खड़ संस्थान (पी आर आई)  
     
  कई विश्वविद्यालयों के लिए मानकीकरण एवं विषय अनुसंधान समिति (एस आर सी) के लिए राज्य स्तर के समिति  
     
  उन्होंने कई राष्ट्रीय एवं एम ए सी आर ओ, आई सी एम ए टी, पॉलीकॉम्पो जैसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों को आयोजित किया है । वे ए आई पी एम ए प्रबंधन समिति, मुम्बई के विशेष अतिथि हैं तथा भारत सरकार के ई डी यू एस ए टी परियोजना के अंतर्गत निपुण (अतिथि संकाय) हैं । एन ए बी एल के अग्रणी निर्धारक एवं निपुण संकाय के रूप में, आई एस ओ / आई ई सी 17025 : 2005 के अनुसार, उन्होंने 100 से अधिक प्रमुख उद्योगों एवं प्रयोगशालाओं का मूल्यांकन किया है ।  
     
     
  विदेश यात्रा :  
  ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़िलैंड, कनाड़ा, चीन, जापान, नीथरलैंड, ओमान, सिंगापुर, स्विट्ज़रलैंड, थाईलैंड, यू.के., यू एस ए इत्यादि राज्यों के कई प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थाओं / उद्योगों का अध्ययन दौरा किया ।